इंटरनेट कैसे काम करता है - Working Of Internet - WebBalaji

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क्या आप जानते है कि Internet क्या है और इंटरनेट कैसे काम करता है? यदि नहीं और आप भी Internet से जुड़ी जानकारी ढूंढ रहे है जैसे कि how internet works, इंटरनेट की कार्यप्रणाली, इंटरनेट के कार्य, www क्या है आदि से जुड़ी जानकारी ढूंढ रहे हैं तो हमारे इस आर्टिकल को शुरू से अंत तक पूरा पढ़े। हमें पुरा विश्वास है कि इस पोस्ट में आपको पूरी जानकारी मिल जाएगी। तो चलिए बिना देरी करे जानते हैं Internet क्या है और इंटरनेट कैसे काम करता है (working of internet)

इंटरनेट कैसे काम करता है – working of internet

Working of Internet

Internet, कई सारे Networks का एक Interconection है। ‘Internet शब्द (लोअरकेस i) शब्द ‘Internet’ (अपरकेस I) से अलग है।

एक तरह जहा Internet का अर्थ है नेटवर्क्स का Network, वहीं Internet शब्द का प्रयोग खास world Wide Network, WWW को रेफर करने के लिए किया जाता है।

इंटरनेट की कार्यप्रणाली (working of internet)

Working of Internet – Internetwork (Internet) में कई सारे Networks होते है जिनमे LANs, अन्य LANs, अन्य Communication Networks, रिमोट साइट्स, व्यक्तिगत Stations और Wide Aria Networks (WANs) से Attached होते है।

यह Data स्वतंत्र रूप से कई सारे Networks और लोगो तक पहुंचने में मदद करते है।

Internetworking का उद्देश्य है Hetergeneous Networks के द्वारा Universal Service प्रदान करना।

एक Network LAN या WAN कुछ भी हो सकता है और प्रत्येक में कई होस्ट्स Attached होते है।LAN इथरनेट टोकन रिंग या FDDI प्रोटोकॉल्स के सिद्धांत पर आधारित हो सकते है।

फ्रेम फॉर्मेट्स और addressing स्कीम्स जो इन Networks द्वारा इस्तेमाल की जाती है, अलग अलग हो सकती हैं।

एक Internet बनाने के लिए, हमें Networking Devices, जिन्हे Routers एवं Gateways कहा जाता है, की आवश्यकता होती है। सभी इंटरनेट को मिलाकर एक एक लेयर्ड आर्किटेक्चर होता है।

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इंटरनेट कार्यप्रणाली के लेयर्स (Layers OF Internet Working)

इंटरनेट में मुख्य रूप से चार लेयर्स होते है। ये लेयर्स इस प्रकार है –

सबनेटवर्क लेयर (Subnetworks Layer)

एक लोकल एरिया नेटवर्क LAN में आपस में कनेक्टेड सभी machins इसी लेयर में रहती है।

इंटर नेटवर्क लेयर (Internetwork Layer)

यह लेयर, गेटवेज के द्वारा Networks के बीच में Communications के लिए Functionality प्रदान करती है। प्रत्येक sub networks गेटवेज़ का प्रयोग करके, Internetwork के अन्य Sub Network में कनेक्ट होते है।

इंटर नेटवर्क लेयर वहा होती है जहां Data गेटवे ट्रांसफर होता है। जब तक डाटा इसके लक्ष्य तक न पहुंच जाए, वह प्रक्रिया के रहता है और फिर यह subnetwork लेयर में पास हो जाती है। Internetwork लेयर प्रोटोकॉल (IP) चलाती है।

सर्विस प्रोवाइडर प्रोटोकॉल लेयर (Service Provider Protocol Layer)

यह लेयर, Network की Over all And to and Communication के लिए जिम्मेदार होती है। यही वह लेयर है जो ट्रांसमिशन कंट्रोल प्रोटोकॉल (TCP) और अन्य Protocols को चलती है।

यह डाटा ट्रैफिक फ्लो को अपने आप हैंडल करता है और मैसेज ट्रांसफर के लिए रिलाएबिलिटी को सुनिश्चित करता है।

एप्लिकेशन सर्विस लेयर (Application Service Layer)

यह लेयर Interfaces को यूजर एप्लिकेशन के लिए सपोर्ट करती है। यह लेयर इलेक्ट्रॉनिक Mail, Remort, File Transfer और रिमोर्ट एक्सेस के लिए इंटरफेस होती है। इस लेयर में कई प्रोटोकॉल्स का उपयोग होता है।

इंटरनेट के कार्य

इंटरनेट का आर्किटे्चर इसके नाम में वर्णित होता है, जो कि इंटर Networking जैसे Compound शब्द का एक शॉर्ट फार्म है।

यह आर्किटेक्चर, स्टैण्डर्ड TCP/IP प्रोटोकॉल के Specification पर आधारित होता है। इसे किन्हीं दो नेटवर्क्स जो इंटर्नल हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर और टेक्निकल डिजाइन में बहुत अलग होते है, के लिए डिजाइन किया गया होता है।

एक बार जब दो नेटवर्क्स Inter Conected होते है, तो TCP/IP के साथ कम्युनिकेशन, and to and तक होता है, ताकि इंटरनेट पर स्थित किसी भी Node में, किसी भी अन्य के साथ कम्युनिकेट करने की अद्भुत क्षमता हो, चाहे वह कहीं भी स्थित हो। डिजाइन का यही खुलापन एक ग्लोबल स्केल पर Internet आर्किटेक्चर को बढ़ने में मदद करता है।

Conclusion

Internet टेक्निकल आर्किटेक्चर, एक Multidimensional River System की तरह दिखता है, जिसकी छोटी छोटी शाखाएं मीडियम साइज की Streames को फीड करती है और स्ट्रीम्स बड़ी रिवर्स को।

उदाहरण के लिए, एक व्यक्ति इंटरनेट में एक्सेस, अक्सर घर से ही, एक modem पर, एक लोकल इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर के लिए होती है, जो रीजनल नेटवर्क से जुड़ा होता है, जो एक नेशनल नेटवर्क से कनेक्ट होते है।

एक डेस्कटॉप कंप्यूटर एक लोकल एरिया नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है, जो कई नेशनल सर्विस प्रोवाइडर्स से जुड़ा होता है।

सामान्यतः छोटे लोकल इंटरनेट सर्विस प्रोवइडर मीडिया साइज के रीजनल नेटवर्क्स से कनेक्टेड होते है जो बड़े नेशनल नेटवर्क्स से जों फिर बहुत बड़े बैंड विड्स नेटवर्क्स से जो इंटरनेट की बैकबोन पर स्थित होते है।

अधिकांश इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स के पास बहुत सारे redundant नेटवर्क क्रॉस कनेक्शन्स होते है, ताकि Continuity और उपलब्धता को सुनिश्चित किया जा सके।


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