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What Is Personal Computers? PC क्या है? PC  के मुख्य भाग, कार्य और प्रकार?

क्या आप जानते है कि What Is Personal Computers? यदि आप भी Personal Computers? से जुड़ी जानकारी ढूंढ रहे है जैसे PC क्या है? PC  के मुख्य भाग क्या है?, पर्सनल कंप्यूटर के कार्य? पर्सनल कंप्यूटर का प्रकार ppt? पर्सनल कंप्यूटर के उपयोग, पर्सनल कंप्यूटर का इतिहास आदि तो हमारी इस पोस्ट को पूरा पढे।

What Is Personal Computers? PC क्या है?

पर्सनल कंप्यूटर को माइक्रो कंप्यूटर भी कहते है। पर्सनल कंप्यूटर का उपयोग व्यक्तिगत रूप से छोटे समूहों द्वारा किया जाता है। इन पर्सनल कंप्यूटर को बनाने में माइक्रो प्रोसेसर मुख्य रूप से सहायक होते है।इसलिए इन्हे माइक्रो कंप्यूटर भी कहा जाता है।

What Is Personal Computers
Personal Computer (PC)

पर्सनल कंप्यूटर का use निम्नलिखित कार्यों में किया जाता है-

  • शिक्षा के क्षेत्र में।
  • स्प्रेड शीट कार्य के लिए।
  • इंटरनेट पर Email भेजने के लिए।
  • Game खेलने के लिए।
  • घर में घरेलू कार्यों को करने के लिए।
  • Website डिजाइन एवं निर्माण करने में।
  • अकाउंटिंग करने के लिए।
  • इन्वेंटरी तथा प्रोडक्शन कंट्रोल के लिए।
  • सॉफ्टवेयर के लिए।
  • कंप्यूटर सहायक रूप रेखा तथा निर्माण के लिए।
  • कई क्षेत्रों में पी.सी. का प्रयोग कार्य को सरल एवं तीव्र गति से करने के लिए किया जाता है।

माइक्रो प्रोसेसर का विकास (Evaluation of Micro Processor)

इंटेल कार्पोरेशन ने सबसे पहले माइक्रोप्रोसेसर को बाजार में उपलब्ध कराया। सबसे पहले माइक्रो प्रोसेसर 4004 का बाजार में परिचय कैलकुलेटर चिप सेट के निर्माण के दौरान सन् 1971 में हिआ। माइक्रो प्रोसेसर 4004 कैलकुलेटर चिप का केन्द्रीय पुर्जा था जिसका नाम MCS-4 रखा गया।

4004 के विकास के उपरांत, तीन ओर अन्य माइक्रो प्रोसेसर का विकास हुआ, इसके नाम रॉकवेल अंतरराष्ट्रीय 4 बिट PPS-4, इंटेल का 8-बिट तथा राष्ट्रीय अर्ध चालक 16-बिट IMP 16 थे। ये सभी माइक्रो प्रोसेसर सामान्य उद्देश्य के लिए विकसित किए गए थे।

Pentium प्रोसेसर

Pentium प्रोसेसर के मुख्य घटक निम्न है

  • इनमे 64-Bit का प्रोसेसर होता है।
  • इस माइक्रो प्रोसेसर की गति 100MHz से शुरू होकर 1500 MHz तक है।
  • इनमे दो 8k cache मैमोरी होती है।
  • यह एक बार में दो या दो से अधिक निर्देशो को समझ सकता है, इनमे से ALU होते है और प्रत्येक। ALU में दो Pipe Line होती है।

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पर्सनल कंप्यूटर की विभिन्न श्रेणियां/ स्पेसिफिकेशन (Different Categories/Specification Of P.C.)

1. P.C. (Personal Computer)

प्रथम IBM-PC में Intel 8086 माइक्रो प्रोसेसर लगा हुआ था। यह प्रोसेसर 8-bit था जो IBM PC के मापदंड को पूरा करता था। इस माइक्रो प्रोसेसर का कार्य डाटा तथा मेमोरी एड्रेस को संग्रहित करना था।

इसमें डाटा स्थानांतरण व डाटा प्रोसेसिंग के लिए 14 रजिस्टर लगे थे। इसकी संचय क्षमता 128 से 640 KB तक थी। इस प्रकार के कंप्यूटर में हार्ड डिस्क नहीं होती थी तथा फ्लॉपी ड्राइव की संख्या 1 या दो थी।

डाटा बेस आकार 8-bit तथा एड्रेस बस का आकार 20-bit था। इसकी Memory 1MB तक होती थी।

2. PC-XT

इसमें 8088 नामक माइक्रो प्रोसेसर लगा हुआ था। यह 8-bit प्रोसेसर था, इसमें डाटा बस का आकार 8-bit तथा एड्रेस बस का आकार 20-bit था। इसकी मेमोरी भी 1MB तक होती थी।

3. PC-AT

फ्लॉपी ड्राइव क संख्या 1 या 2 तक थी लेकिन इस प्रकार के कंप्यूटर में हार्ड डिस्क होती है।

इस प्रकार के कंप्यूटर में 80286 माइक्रो प्रोसेसर लगा हुआ था। इसकी गति 8086 की अपेक्षा अधिक थी तथा कंप्यूटर की संग्रहण क्षमता 1MB से 2MB तक थी

इस प्रकार के कंप्यूटर में हार्ड डिस्क होती थी तथा इसकी गणन गति 1620 मेगा हार्ट होती थी। फ्लॉपी ड्राइव की संख्या 1 या 2 थी।

कंप्यूटर के भाग (Part Of Computer)

1. Computer Hardware

कंप्यूटर के यांत्रिक, वैधुत तथा इलेक्ट्रॉनिक भाग कंप्यूटर हार्डवेयर कहलाते है।

दूसरे शब्दों में हम यह कह सकते है कि “कंप्यूटर सिस्टम के ऐसे भाग को जिसे आसानी से छू कर महसूस किया का सके, कंप्यूटर हार्डवेयर कहलाते है।”

एक कंप्यूटर सिस्टम में Input, Output डिवाइसेज, प्रोसेसिंग व कंट्रोल डिवाइसेज हार्डवेयर कहलाते है।

सी. पी.यू.  (CPU)

सी. पी.यू.  (CPU) कंप्यूटर का दिमाग होता है, इसका प्रमुख कार्य प्रोग्रामो को क्रियान्वित करना हैं। इसके अलावा कंप्यूटर के सभी भागों जैसे मेमोरी इनपुट और आउटपुट डिवाइसेज के कार्यों को क्रियान्वित करती है। एक कंप्यूटर में एक से ज्यादा माइक्रोप्रोेसर हो सकते है।

सी. पी.यू.  (CPU) को पुनः तीन भागो में बांटा जाता है-

  • Control Unit (CU)
  • Arithmetic & Logic Unit (ALU)
  • Memoy (MU)

1. Control Unit -CU

Control Unit – CU हार्डवेयर की क्रियाओं को नियंत्रित और संचालित करता है। यह इनपुट आउटपुट क्रियाओं को नियंत्रित करता है, साथ ही मेमोरी और ALU के मध्य डाटा के आदान प्रदान को निर्देशित करता है।

यह प्रोग्राम को क्रियान्वित करने के लिए निर्देशो को मेमोरी से प्राप्त करता है। निर्देशो को विद्युत संकेतो में परिवर्तित करके यह उचित डिवाइसेज तक पहुंचता है, जिसमे डाटा प्रक्रिया का कार्य संपन्न हो सके। Control Unit -CU को कंप्यूटर का दिमाग भी कहते है।

2. Arithmetic & Logic Unit (ALU)

Arithmetic & Logic Unit को संक्षेप में ALU भी कहते है। यह यूनिट डाटा पर अंकगणतिय क्रियाओं जैसे जोड़, घटना, गुना, भाग और तार्किक क्रियाएं करती है।

Arithmetic & Logic Unit (ALU) कंट्रोल यूनिट से निर्देश लेता है। यह मेमोरी से डाटा प्राप्त करता है तथा प्रोसेसिंग के पश्चात सूचना को मेमोरी में लौटा देता है। ए. एल. यू. के कार्य करने की गति अति तीव्र होती है। यह लगभग 1000000 गणना प्रति सेकेंड की गति से करता है।

इसमें कई रजिस्टर और accumulator होते हैं जो गणनाओं के दौरान Intermediate में रख लेता है।

उदाहरणार्थ, माना दो संख्याओं A और B को जोड़ना है कंट्रोल यूनिट ए को मेमोरी से प्राप्त कर A L U में पहुंचती है। अब यह B के मैमोरी से चुनकर ए. एल. यू. में स्थित A में जोड़ती है। परिणाम ALU से वापिस में।मेमोरी में स्थित हो जाता है।

3. Memory (MU)

Memory Data, निर्देशो और परिणामों के आउटपुट को संग्रह करके रखती है। यह कंप्यूटर का महत्वपूर्ण भाग है, जहां डाटा तथा प्रोग्राम, प्रक्रिया के दौरान स्थित रहते है और आवश्यकता पड़ने पर तुरंत उपलब्ध होते है।

मेमोरी को प्राथमिक या मेन मेमोरी भी कहते है। कंप्यूटर की मेमोरी को Cell या Location में विभाजित होती है। प्रत्येक Cell का अपना एक Address होता है जिसके द्वारा हम उसको refer करते है। मेमोरी की क्षमता 4MB से लेकर 256MB या इससे भी अधिक हो सकती है।

कंप्यूटर की main memory निम्नलिखित दो प्रकार की होती है-

  • RAM – Random Access Memory
  • ROM – Read Only Memory

RAM – Random Access Memory

RAM – Random Access Memory को read/write मेमोरी भी कहते है, क्योंकि इस मैमोरी हम डाटा को संग्रहित करने के साथ साथ उस संग्रहित डाटा को पढ़ सकते है। RAM कंप्यूटर की अस्थाई मैमोरी होती है।

इनपुट डिवाइस द्वारा इनपुट किया गया डाटा क्रिया से पहले RAM में ही संग्रहित होता है और CPU द्वारा आवश्यकतानुसार वहां से प्राप्त कर लिया जाता है। RAM में डाटा या प्रोग्राम अस्थाई रूप से संग्रहित होता है। कंप्यूटर बंद हो जाने पर या विद्युत प्रवाह रुक जाने पर RAM में संग्रहित डाटा मिल जाता है। इसलिए RAM को वोलेटाइल या अस्थाई मेमोरी भी कहते है।

RAM की क्षमता या आकार भिन्न भिन्न होते है जैसे 1MB, 2MB, 4MB, 8MB, 16MB, 32MB, 64MB, 128MB, 512MB आदि।

चुकी RAM को किसी भी लोकेशन का डाटा व निर्देशो का संग्रह करना यह सब रेंडमलि होता है। अतः सभी Location का Access Time समान होता है।

ROM – Read Only Memory

ROM – Read Only Memory कंप्यूटर की अस्थाई मेमोरी होती है, जिसमे अक्सर कंप्यूटर निर्माताओं द्वारा प्रोग्राम संचित करके स्थाई कर दिए जाते है, जो समयानुसार कार्य करते है तथा आवश्यकता पड़ने पर ऑपरेटर को निर्देश देते रहते है।

Basic Input – Output System नामक प्रोग्राम ROM का ही उदाहरण है। जो कंप्यूटर के on होने पर उसकी सभी Input/output डिवाइसेज को चैक करने एवं नियंत्रित करने का कार्य करती है।

इस मेमोरी में संग्रहित डाटा प्रोग्राम परिवर्तित और नष्ट नहीं किए जा सकते है, इसलिए लिए इस मेमोरी को Read Only Memory कहते है। कंप्यूटर के बंद हो जाने या विद्युत प्रवाह बंद हो जाने पर भी इसमें संग्रहित डाटा नष्ट नहीं होते है, अतः हम ROM को Non-volatile या स्थाई संग्रह माध्यम भी कहते है।

आरंभ में ROM के लिए यह बाध्यता थी कि कंप्यूटर निर्माता भी एक बार किसी प्रोग्राम को ROM चिप पर संग्रहित करने के बाद उसे न तो मिटा सकते है और न ही उस प्रोग्राम में संशोधन कर सकते थे, परन्तु बाद में PROM, EPROM, EEPROM के नाम की ROM बनाई गई, जिनके अलग अलग लाभ है।

Peripherals

Input devices, Output Devices, और सेकंडरी स्टोरेज डिस्क, टेप, फ्लॉपी आदि peripherals कहा जाता है

1. Input Devices

वे उपकरण जिनकी सहायता से हम डाटा एवं निर्देश कंप्यूटर को प्रेषित करते है, इनपुट डिवाइस कहलाते है।

इनपुट डिवाइस कंप्यूटर एवं मानव के मध्य Communication की सुविधा प्रदान करता है। इनपुट डिवाइसेज डाटा और निर्देशो को कंप्यूटर के समझने योग्य संकेतो यानी 0 और 1 के Bit में परिवर्तित करके प्रेषित करती है ।

कुछ इनपुट डिवाइस के उदाहरण इस प्रकार है

  • Keywords
  • Mouse
  • Joystick
  • Track Ball
  • Lightpen
  • Touch screen
  • Scenner
  • Graphic Tablet

2. Output Devices

आउटपुट डिवाइसेज के द्वारा कंप्यूटर से प्राप्त परिणामों के प्राप्त किया जाता है। इन परिणामों को प्राय डिस्प्ले डिवाइसेज या प्रिंटर के द्वारा यूजर को प्रस्तुत किए जाते है।

कुछ महत्वपूर्ण आउटपुट डिवाइसेज निम्नलिखित है

  • Monitor
  • Printer
  • Plotter
  • Speaker

मॉनिटर में एक टी. वी. के समान कैथोड किरणे ट्यूब (CRT) होती है। मॉनिटर द्वारा हम प्रोग्राम की सॉफ्ट copy देख सकते है तथा प्रिंटर से उसकी हार्ड कॉपी प्राप्त कर सकते है।

3. Computer Software

कंप्यूटर में किसी निश्चित कार्य को संपन्न करने के लिए कंप्यूटर को दिए जाने वाले निर्देशो के समूह को प्रोग्राम कहते है। ये प्रोग्राम कंप्यूटर भाषा में कंप्यूटर प्रोग्रामर द्वारा किए जाते है तथा इस प्रोग्रामो के समूह को सॉफ्टवेयर कहते है।

सॉफ्टवेयर न तो देखे जा सकते है न ही इन्हें छुआ जा सकता है। कंप्यूटर सॉफटवेयर मानव और हार्डवेयर के मध्य संबंध स्थापित करता है।

कंप्यूटर सॉफटवेयर निम्नलिखित प्रकार के होते है-

  • System Software
  • Application Software
  • Utility Software

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हमें पूरी उम्मीद है कि आपको हमारी इस पोस्ट What Is Personal Computers? PC क्या है? PC  के मुख्य भाग, कार्य और प्रकार? को पूरा पढ़ा है। इस पोस्ट को पढ़ने के बाद आपको पर्सनल कंप्यूटर से जुड़े सभी सवालों के जवाब मिल गए है।

हमारी पोस्ट का उद्देश्य हमेशा अपने रीडर्स को एक ही आर्टिकल में पूरी जानकारी देना है। इस पोस्ट को पड़ने के बाद यदि आपको लगता है कि इस आर्टिकल में दि गई जानकारी गलत है या इसमें कुछ सुधार की जरूरत है तो हमें कमेंट जरूर करे।

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