एनालॉग और डिजिटल सिग्नल क्या है? परिभाषा, अंतर? Analogue And Digital Signal - WebBalaji

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नमस्कार दोस्तों! स्वागत है आपका हमारे आज की इस पोस्ट एनालॉग और डिजिटल सिग्नल क्या है? (Analogue and Digital Signal) में।

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Analogue and Digital Signal

Analogue and Digital Signal – ” किसी Transmision के माध्यम से Data और Information को Electronic रूप में भेजना Signal कहलाता है।”

Analogue and Digital Signal

यह सूचनाएं Images, Vioce या विभिन्न Data के रूप में हो सकती है।

विकिपीडिया के अनुसार – इलेक्ट्रॉनिकी एवं संकेत प्रसंस्करण के सन्दर्भ में, signal से आशय किसी परिघटना से सम्बन्धित सूचना से है।

उदाहरण के लिए, किसी विद्युत प्रेस में लगा हुआ द्विधात्विक स्ट्रिप एक संकेत प्रदान करती है कि प्रेस का तापमान एक सीमा से अधिक है या कम।

इसी संकेत के आधार पर उस इस्तरी की विद्युत सप्लाई को On या Off किया जाता है ताकि प्रेस का ताप एक सीमा के अन्दर यानी न बहुत कम, न बहुत ज्यादा बनाए रखा जा सके।

इसी प्रकार, TV का रिमोट भी एक संकेत पैदा करता है और उसे TV की ओर भेजता है जिससे TV के Channel, ध्वनि की तीव्रता आदि को नियन्त्रित किया जाता है।

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Analog सिग्नल क्या है? (What Is Analogue Signal)

Analogue Signal in Hindi – एनालॉग का अर्थ Continuous डाटा या सिग्नल से होता है, यानी एनालॉग सिग्नल एक Continuous Wave Form में होते है जो समय के साथ परिवर्तित होते रहते है।

Analogue and Digital Signal

जैसे – ध्वनि, प्रकाश या रेडियो तरंगों के माध्यम से होता है।

सिग्नल के Amplitude को Watt तथा Frequency को Hertz में मापा जाता है। अधिक दूरी में सूचनाओं के संचार के लिए आजकल ऐसी ही सस्ती एवं सुलभ माध्यम टेलीफोन लाइन प्रयोग की जाती है। इन टेलीफोन लाइनो के द्वारा Analog Signal भेजा जाता है

Analogue Signal के फायदे (Advantages of Analogue Signal)

  • Analogue Signal का सबसे अच्छा फायदा यह है कि इसमें data को define करने की कोई सीमा नहीं होती।
  • Analogue Signal Continuous चलता है।
  • हमारे द्वारा निकली आवाज निरंतर चलने वाले लहर की तरह होती है और Analog, Real World  से संबंधित होती हैं।
  • Analog Signal के लिए lesser bandwidth capacity की आवश्यकता होती है। 
  • इस signal की प्रोसेसिंग आसान होती है।
  • Digital Signal की तुलना में इसका घनत्व अधिक होता है।

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Digital Signal क्या है? (What is Digital Signals)

Digital Signal in Hindi – Digital Signal में कई निश्चित बिंदु होते है। यह एनालॉग सिग्नल की भांति लगातार नहीं होता है।

Analogue and Digital Signal

Digital Signal वोल्टेज की पल्स को बाइनरी सिग्नल वोल्टेज की पल्स को बाइनरी डिजिट 0 तथा 1 के द्वारा दर्शाया जाता है। बाइनरी डिजिट 0 Off को दर्शाता है और 1 On को दर्शाता है।

इसका अर्थ विद्युत प्रवाह की उपस्तिथि अथवा अनुपस्थित से होता है। कंप्यूटर द्वारा डिजिटल सिग्नल का प्रयोग किया जाता है।

उदाहरण – Light को On/Off करना।

यदि सूचनाओं को टेलीफोन लाइन के द्वारा संचार करना हो तो डिजिटल सिग्नल को एनालॉग सिग्नल के रूप में परिवर्तित करना आवश्यक है।

इस क्रिया को मोड्युलेशन तकनीकी के द्वारा किया जाता है तथा Analog Signal को डिजिटल सिग्नल में परिवर्तित करने के लिए डी-मोड्युलेशन तकनीकी का प्रयोग किया जाता है।

डिजिटल सिग्नल के फायदे ( Advantages of Digital Signals)

  • Digital Signal को डिजिटली स्थानांतरित किया जाता है इसलिए यह तेज गति से कार्य करता है।
  • Analogue Signal की तुलना में यह डिजिटल सिग्नल अधिक Data स्थानांतरित करने की सुविधा देता है।
  • Digital Signal, discrete signals होते है जी कि binary data को carry करते है।

एनालॉग और डिजिटल सिग्नल में अंतर (Analogue and Digital Signal Difference)

• Analog Signals, Continuous Signal होते है जो की time के साथ बदलते रहते है लेकिन Digital Signal, Discrete Signals होते है जो कि बायनरी Data को Carry करते है।

• Analog Signals, Continuous Sine Waves होती है लेकिन Digital Signals, square Waves होती है।

• Analog Signal किसी भी information को s6ignal form मे Broadcast करते है लेकिन Digital Signal किसी भी Information को Bits के रूप मे Broadcast करते है।


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मुझे पूरी उम्मीद है कि आपने मेरी इस पोस्ट एनालॉग और डिजिटल सिग्नल क्या है? को पूरा पढ़ा है। इस पोस्ट को पढ़ने के बाद आपको Analogue and Digital Signal से जुड़े सभी सवालों के जवाब मिल गए है।

मेरी इस पोस्ट का उद्देश्य हमेशा अपने रीडर्स को एक ही आर्टिकल में पूरी जानकारी उपलब्ध कराना है। इस पोस्ट को पड़ने के बाद यदि आपको लगता है कि इस आर्टिकल में दि गई जानकारी गलत है या इसमें कुछ सुधार की आवश्यकता है तो आप हमें कमेंट जरूर करे।

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