Types Of Printer ? Printer क्या है? प्रिंटर के प्रकार - WebBalaji

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Computer Printer and Types Of Printer

Printer क्या है? (What Is Printer)

प्रिंटर एक Online Output Devise है, जो कंप्यूटर से प्राप्त जानकारी को कागज पर छापती है। कागज पर आउटपुट की यह प्रतिलिपि Hard Copy कहलाती है।

Types of Printer ? Printer क्या है? प्रिंटर के प्रकार

कंप्यूटर से जानकारी का Output बहुत तेजी से मिलता है और Printer उतनी तेजी से काम नहीं कर पाता, इसलिए यह जरूरी होता है कि यह जानकारी प्रिंटर में कहीं Store की जा सके।

इसलिए प्रिंटर में भी एक मेमोरी होती है। कंप्यूटर से प्रिंटर की इस मेमोरी में जानकारी भेज दि जाती है, जहां से जानकारी निकालकर धीरे धीरे छापी जाती है।

प्रिंटर के प्रकार (Types of Printer)

प्रिंटर के निम्नलिखित प्रकार होते है –

Types of Printer

1. Impact Printer

  • Dot-matrix Printer
  • Daisy Wheel Printer

2. Non-Impact Printer

  • Thermal-Transfer Printer
  • Electro-Thermal Printing
  • Laser Printer
  • Inkjet Printer

Impact Printer

Impact Printer में प्रिंटिंग टाईप राइटर के समान होती है, जिसमे धातु का Hammer या Print Head कागज Rinnon पर टकराता है।

Impact printing में अक्षर, ठोस-मुद्रा अक्षरों (Solid Forms) या डॉट-मैट्रिक्स विधि से कागज पर उभरते है।

ठोस-मुद्रा अक्षर विधि में टाईप राइटरो के समान अक्षरों के लिए धातु के ठोस टाईप सैट होते है, जिनके ऊपर अक्षर उभरे होते है तथा डॉट-मैट्रिक्स विधि में पिनो की ऊर्ध्वाधर पंक्ति का एक प्रिंट होता है।

इंपैक्ट डॉट-मैट्रिक्स प्रिंटर प्राय ठोस मुद्रा अक्षर प्रिंटर से उच्च गति के होते है। 100 से 200 कैरेक्टर प्रिंटरो के उदाहरणों में डेजी व्हील प्रिंटर तथा डॉट-मैट्रिक्स प्रिंटर प्रमुख है।

Impact Printer के उदाहरण

  • Dot-matrix Printer
  • Daisy Wheel Printer

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1. Dot-matrix Printer

यह एक इंपैक्ट प्रिंटर है अतः प्रिंटिंग करते समय काफी शोर करता है। इस प्रिंटर के Print Head में अनेक Pins का एक Matrix होता है और प्रत्येक पिन के रिबन और कागज पर स्पर्श से एक डॉट छापता है।

अनेक डॉट्स मिलकर एक Character बनता है। Print Head में 7, 9, 14, 18 या 24 पीनो का उर्धवाधर समूह होता है। एक बार में एक कॉलम कि पीने प्रिंट हेड से बाहर निकलकर डॉट्स छापती है, जिससे एक Character अनेक स्टेप्स से बनता है।

Dot-matrix Printer की गति 30 से 600 character प्रति सेकेंड होती है।

Dot-matrix में पूर्व निर्मित मुद्रा अक्षर नहीं होते है इसलिए ये विभिन्न आकार, प्रकार और भाषा के character ग्राफिक्स आदि छाप सकते है। यह प्रिंटर ड्राफ्ट quality प्रिंटर तथा Near लेटर quality प्रिंटिंग में Output को छाप सकता है।

2. Daisy Wheel Printer

यह ठोस मुद्रा अक्षर वाला Impact प्रिंटर है। इस प्रिंटर में व्हील या चक्र की सहायता से प्रिंटिंग होती है। इस प्रिंटिंग के प्रिंट हेड की आकृति एक खिले हुए फूल Daisy की तरह होने के कारण इसे Daisy Wheel Printer कहा जाता है।

Daisy Wheel Printer की गति धीमी, लगभग 60 अक्षर प्रति सेकेंड होती है, परन्तु इसके Output की स्पष्टता उच्च होती है। इसके प्रिंट head में एक चक्र होता है, जिसकी प्रत्येक Spoke में एक Character का ठोस Font उभरा होता है।

जिस अक्षर को छापना होता है उस अक्षर वाली Spoke के ठीक स्थिति में आते ही एक विद्युत चालित हथौड़ा पीछे से उस पर चोट मारता है और वह अक्षर कागज पर छप जाता है।

अक्षर छप जाने के बाद Print Head आगे बढ़कर इसी क्रिया से अक्षरों कि लाइन छापता चला जाता है। इस प्रकार प्रिंटर अब बहुत कम उपयोग में है।

Non-Imapct Printer

इस प्रिंटर में प्रिंटिंग के समय प्रिंट हेड और कागज के मध्य संपर्क नहीं हो पाता है। नॉन इंपैक्ट प्रिंटिंग की अनेक विधियां है,

जैसे –

  • Thermal-Transfer Printer
  • Electro-Thermal Printing
  • Laser Printer
  • Inkjet Printer
1. Thermal-Transfer

Thermal-Transfer Printer एक नई तकनीकी है जिसमे कागज पर वैक्स आधारित रिबन (Wax-Based Ribbon) से स्याही का तापिय स्थानांतरण होता है।

2. Electro-Thermal Printing

Electro-Thermal Printing में एक विशेष कागज पर cheracter को गरम रॉड (Heated Rod) वाले Print Head से चलाया जाता है।

ये printer सख्त होते है और इनके लिए विशेष कागज की आवश्यकता होती है।

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3. Laser Printer

Laser Printer नॉन इंपैक्ट प्रिंटर है। ये प्रिंटर भी बिंदुओं द्वारा है कागज पर अक्षरों को छापते है, परन्तु ये बिंदु बहुत ही छोटे व पास पास होने पर अक्षर अति स्पष्ट छपते है।

सामान्यतः लेजर प्रिंटर 300×300 बिंदु छापता है। आधुनिक लेजर प्रिंटर्स 600×600 या 1200×1200 या उससे भी अधिक Resolotion के होते है। लेजर प्रिंटर्स के कार्य करने की विधि मूल रूप से Documents की प्रतियां बनाने वाली मशीनों की तरह ही होती है।

अंतर केवल सिलिकॉन के बेलन पर विद्युत चार्ज के रूप में अक्षर बनाने का है। फोटो कॉपी की मशीन में तेज रोशनी का प्रयोग होता है और लेजर प्रिंटर में लेजर किरणों की सहायता से एक किरणपुंज एक दर्पण की सहायता से मॉडरेटर (Modulater) से होता हुआ बहु दर्पण ड्रम पर फेंका जाता है।

इस प्रकाश पुंज के कारण छपने वाले चिन्ह या आकार के गुप्त प्रतिबिंब की प्रकाश चालक सतह आवेशित हो जाती है। इस आवेशित सतह पर एक खास किस्म का पाउडर डाला जाता है। जिसे toner कहते है।

इससे कागज की सतह पर अक्षर आते है लेजर प्रिंटर की प्रिंटिंग सबसे अच्छी होती है। प्राय यह 300 dpi से लेकर 600 तक या उससे भी अधिक Resolution की छपाई करता है। ये प्रिंटर्स आजकल अधिक लोकप्रिय भी है, क्योंकि ये अधिक तेज और bast Quality में Text & Graphics छापने में पूर्ण है।

लेजर प्रिंटर महंगे होते है। प्लास्टिक की शीट या अन्य किसी शीट पर भी ये आउटपुट को छाप सकते है। अधिकतर प्रिंटर्स में एक अतिरिक्त माइक्रोप्रोससर, RAM और ROM होते है।

4. Inkjet Printer

ये नॉन प्रिंटर होते है। इसमें नोजल से कागज पर स्याही की बूंदे की बोछार (Spray) करके charater और अक्रतिया छापी जाती है। इस प्रिंटर का आउटपुट अधिक होता है, क्योंकि प्रत्येक Charater दर्जनों dots से मिलकर बना होता है।

रंगीन इंकजेट प्रिंटर में स्याही (ink) के चार Nozzles – Cyan, Magenta, Yellow और Black होते है। इस प्रकार इन्हें CHYK printer भी कहा जाता है। Inkjet Printer के आउटपुट की प्रिंट quality प्राय 300 Dots Per Inch होती है।


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