सीधी बस हादसा/ Sidhi bas Accident latest News in Hindi/ बाणसागर नहर, MP

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मध्य प्रदेश के सीधी जिले में मंगलवार सुबह यात्रियों से भरी बस सोन नदी पर बने बाणसागर बांध की मुख्य नहर में समा गई। बुधवार सुबह 4 और शव नहर से निकाले गए, इसके साथ ही मृतकों की संख्या 51 पहुंच गई है। प्रशासन के अनुसार अब कोई लापता नहीं है। सीएम शिवराज सिंह चौहान बस हादसे में मारे गए मृतकों के घर पहुंचे और परिजनों को साहस बंधाया।

18 साल की शिवरानी देवदूत साबित:

मध्‍य प्रदेश में बस हादसे का शिकार लोगों के लिए 18 साल की शिवरानी देवदूत साबित हुईं। गहरी नहर में जहां बस गिरी, वो जगह शिवरानी के घर से बमुश्किल 300 मीटर दूर रही होगी। वह तो अपने परिवार के साथ बाहर बैठी थीं।तब उन्होंने देखा कि बस नहर में गिरी है तो बिना कुछ सोचे-समझे दौड़ पड़ी। नहर का बहाव तेज था। कुछ लोग खिड़की के रास्‍ते बाहर निकले मगर बहाव में फंस गए। उधर बस पानी में डूबते-डूबते ओझल होती जा रही थी। शिवरानी तब तक वहां पहुंच चुकी थीं। नजारा भयावह था लेकिन शिवरानी ने हिम्‍मत नहीं खोई। 12वीं में पढ़ने वाली शिवरानी को तैरना आता था। एक-एक करके शिवरानी ने 7 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, फिर भी उन्‍हें इस बात का बेहद अफसोस है कि बस में दो साल का बच्‍चा अथर्व भी था जिसे वो नहीं बचा पाईं। अथर्व उनकी आंखों के सामने नहर में बह गया।

2 वर्षीय अथर्व और उसकी मां पिंकी गुप्ता की इस घटना में मौत हो गई है।

शिवरानी की हिम्‍मत को सीएम का ‘प्रणाम’


मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जान पर खेलकर बस यात्रियों की जान बचाने के लिए शिवरानी का धन्‍यवाद किया है। चौहान ने ट्वीट किया, ‘परहित सरिस धर्म नहिं भाई’ बेटी शिवरानी के साहस को प्रणाम करता हूं। अपनी जान की परवाह न करते हुए इस बेटी ने सीधी में घटनास्थल पर नहर में छलांग लगाकर नागरिकों की जान बचाई है। मैं बेटी को धन्यवाद देता हूं। पूरे प्रदेश को आप पर गर्व है।” सीएम के अलावा सीधी सांसद रीति पाठक, चुरहट विधायक शरदेंदु तिवारी ने भी शिवरानी की पीठ थपथपाई।

हादसे का कारण:

a – छुहिया घाटी पर ट्रक खराब पांच दिन से लगा है जाम

पिछले पांच दिन से सीधी-रीवा मार्ग पर छुहिया घाटी में ट्रक खराब हो जाने से जाम लगा हुआ है। यहां का रास्ता पहाड़ी और घुमावदार है। सड़क जर्जर है। जब भी बड़ा वाहन खराब होता है, जाम लग जाता है। घाटी में जाम के कारण ही चालक ने नहर के रास्ते बस निकलने की कोशिश की और हादसा हो गया। पुलिस व प्रशासन जाम को खुलवा देते तो हादसा नहीं होता।

b – बस में क्षमता से ज्यादा यात्रियों को बैठाया गया

बस की क्षमता 32 सीटों की थी, जबकि इसमें 58 यात्रियों को बैठाया था। अमूमन इस क्षेत्र की कई बसों में यही स्थिति है। न तो आरटीओ लगातार चेकिंग करता है और न ही पुलिस-प्रशासन के अधिकारी ध्यान देते हैं। ऐसे में बस संचालकों के हौसले बुलंद हैं। वे क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाकर उनकी जान संकट में डाल रहे हैं।

10 घंटे चला बचाव अभियान:

लोगों की खोजबीन के लिए राहत-बचाव कार्य सुबह नौ बजे से शाम सात बजे तक चला। इसमें तीन क्रेन -व 15 बोट लगाई गई थीं। अंधेरा होने से 7 बजे रेस्क्यू बंद कर दिया गया। बुधवार सुबह पांच बजे से फिर अभियान शुरू होगा।

बस ड्राइवर को पुलिस ने किया गिरफ्तार:

सीधी बस हादसे में पुलिस ने ड्राइवर बालेन्‍दु को गिरफ्तार कर लिया है। ड्राइवर का कहना है कि अचानक बस में आवाज आई और वह सड़क से उतरकर नहर में चली गई। मेरे पहले एक लड़की बस से निकली और फिर मैं, ग्रामीणों ने रस्सी के जरिए हमें बाहर निकाला। घटना के बाद से ड्राइवर फरार हो गया था, जिसे पुलिस ने खोजबीन करके पकड़ा है।

बस का परमिट और लाइसेंस रद:

बस (एमपी 19 पी 1882) 32 सीटर थी, बावजूद 58 यात्रियों को बैठाया गया था। फिटनेस दो मई 2021 तक है। सीधी रूट के लिए बस को 12 मई 2025 तक का परमिट मिला था। आरटीओ संजय श्रीवास्तव ने बस का परमिट व चालक का लाइसेंस रद कर दिया।

PM आवास का लोकार्पण स्थगित:

बस दुर्घटना की वजह से मुख्यमंत्री ने मंगलवार को प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास के लोकार्पण कार्यक्रम को स्थगित कर दिया। उन्होंने जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट और पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री राम खेलावन पटेल को घटनास्थल के लिए रवाना कर दिया।

मृतकों के परिवारों को 7-7 लाख का मुआवजा की घोषणा:

बस हादसे में मृतकों के परिवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पांच-पांच लाख रुपये मुआवजे का एलान किया है। साथ ही प्रधानमंत्री राहत कोष से पीएम नरेंद्र मोदी ने मृतकों के स्वजन को दो-दो लाख और घायलों को 50-50 हजार रुपये देने की घोषणा की है। हादसे के बाद मुख्यमंत्री ने सीधी कलेक्टर रवींद्र चौधरी से बात कर अभियान तेज करने के निर्देश दिए।

शोक प्रकट:

सीधी में हुआ बस हादसा दर्दनाक है। प्रभावित परिवारों को हुई क्षति के लिए शोक संवेदना। स्थानीय प्रशासन राहत एवं बचाव कार्यों में सक्रियता से जुटा है। – नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री

दुख की घड़ी में पीड़ितों के स्वजनों के साथ हैं। मुख्य सचिव को निर्देश दिए हैं कि राहत कार्य में संसाधनों की कमी न आने दी जाए। – शिवराज सिंह चौहान, मुख्यमंत्री

बस में फंसे यात्रियों को बचाने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास हो और पीड़ित परिवारों की हरसंभव मदद की जाए। – कमल नाथ, पूर्व मुख्यमंत्री

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