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नंबर सिस्टम क्या है – Number System in Hindi

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नंबर सिस्टम क्या है (Number System in Computer)

संख्या प्रणाली (Number System) – हम जानते है कि Computer का सारा काम 0 और 1 के रूप में होता है। अतः binary number System का आधार 2 है।

हम जानते है कि Computer का सारा काम 0 और 1 के रूप में होता है। अतः binary number System का आधार 2 है।

इसलिए इसमें सभी संख्याएं 2 अंको (0 और 1) द्वारा ही लिखी जाती है। Computer में प्रत्येक अंक तथा अक्षर Digital Signals में जाता है और इन Digital संकेतो को 1 और 0 के संकेतो में तैयार किया जाता है

1 और 0 को ही Number System या Binary Number प्रणाली कहते है।

Computer number System Kya hai

Computer में अन्य Number System भी होती है, जिसमे अक्षरों के संकेत होते है। अन्य संख्या प्रणाली दशमलव, ऑक्टल और हेक्साडेसिमल है।

संख्याओं का एक Number System से दूसरी Number System में परिवर्तन रूपांतरण कहलाता है।

Number System के प्रकार (number system types)

Number System निम्नलिखित प्रकार के होते है –

  • दशमलव संख्या प्रणाली (Point Number System)
  • बाइनरी संख्या प्रणाली (Binary Number System)
  • अष्ट आधारी संख्या प्रणाली (Eight-based Number System)
  • हेक्सडेसिमल संख्या प्रणाली (Hexadecimal Number System)

• दशमलव संख्या प्रणाली (Point  Number System)

इस Number System में 0 से 9 तक के दस अंक 0, 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8 और 9 होती है।

इसका मतलब इसमें सभी संख्याएं (0 से 9 तक) 10 अंको में ही लिखी जाती है। इस Number System का आधार (Base) 10 होता है, क्योंकि इसमें कुल 10 संकेत या अंक होते है।

दशमलव संख्या प्रणाली में लिखी गई किसी भी संख्या का मान निम्नलिखित दो प्रकार का होता है

संकेत मान (Symbol Value) – इसमें 0 से 9 तक ही अंक होते है।

स्थानीय मान (Positional Value) – संख्या की दाई ओर से 10 की Power के क्रम में बढ़ता जाता है।

जैसे – Thousand. Hundred. Ten. One.

इसमें प्रेत्येक अंक का स्थानीय मान उसकी स्थिति के अनुसार ही होती है। अंको का मान अंक और उस अंक के स्थानीय मान के गुणनफल की बराबर होता है और किसी दि हुआ संख्या का मान उसके अंको के योग के बराबर होता है।

प्रत्येक Number System के आधार अलग अलग होते है, क्योंकि संख्या प्रणाली में आए अंको की संख्या अलग अलग होती है। Number System का नाम भी उसमे आए अंको के Number के आधार पर ही होता है।

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बाइनरी संख्या प्रणाली (Binary Number System)

Binary Number System का आधार 2 है। Binary Number System में 0 से 1 के अंको को बाइनरी डिजिट या Bit कहा जाता है।

यह Binary Digit का संक्षिप्त नाम है। अंको के समूह को बाइट के अर्द्ध भाग को Nibble कहते है।

किसी भी Binary Number System को दशमलव प्रणाली में बदला जा सकता है तथा किसी भी तरह दशमलव Number System को Binary Number System में भी बदला जा सकता है।

Computer में सभी संख्याओं को Number System के रूप में ही रखा जाता है और इसी रूप में उन पर जोड़ना, घटाना आदि अंक गणतिय कार्य किए जाते है।

Binary Number लिखते समय Bits के स्थानीय मान Right Side से Left Side दो का गुणा हो जाता है।

Binary Number System में स्थानीय मान निम्नलिखित क्रम में लिखे जाते है –

256, 128, 64, 32, 16, 8, 4, 2, 1

Binary Number को Point Number में बदलना –

किसी भी Binary Number को दशमलव में बदला जा सकता है।

Binary Number को Point Number में बदलने के लिए Binary Number के प्रत्येक अंक को उसके स्थानीय मान से गुणा करते है।

इन गुनलफलो के योगफल को ही Binary Number की Point Number कहते है।

Binary Number का स्थानीय मान निम्नलिखित होता है –

………. 256, 128, 64, 16, 8, 4, 2, 1

Point Number को Binary Number में बदलना

इस कार्य के लिए निम्नलिखित विधियों का प्रयोग किया जाता है –

  • दी हुई Point Number में से Binary Number को 2 से भाग देते है।
  • भागफल को संख्या के नीचे लिखा जाता है तथा शेशफल को दाई तरफ लिखा जाता है।
  • प्राप्त भगफाल में फिर से 2 से भाग देते रहते है जब तक शेष फल को दाई ओर लिख लेते है।
  • इस प्रकार हम तब तक 2 से भाग देते है जब तक भाग फल 0 प्राप्त न हो जाए।
  • प्राप्त शेष फल को नीचे से ऊपर की ओर लिखते है।

अष्ट आधारी संख्या प्रणाली (Eight-based Number System)

ऑक्टल Number System में 8 अंक होते है, ये अंक 0, 1, 2, 3, 4, 5, 6 और 7 है।

इस Number System का आधार 8 होता है।

ऑक्टल संख्या प्रणाली के प्रत्येक अंक का स्थानीय मान निम्नलिखित क्रम में होता है

…..32768, 4096, 512, 64, 8, 1

Binary Number System को कंप्यूटर द्वारा आसानी से समझा जा सकता है लेकिन इसमें बड़ी संख्या होने पर प्रोग्रामर्स को परेशानी आती थी।

इस परेशानी के समाधान के लिए जिसमे बाइनरी संख्या को तीन अंको के समूह में व्यक्त किया जाता है।

अंको के स्थान पर काम वाला एक अंक आॅक्टेल Number का होता है। यदि कोई बाइनरी संख्या (11010100010011101)² है तो उसे ऑक्टेल Number System से व्यक्त करते हैं।

हेक्सडेसिमल संख्या प्रणाली (Hexadecimal Number System)

हेक्सडेसिमल संख्या प्रणाली (Hexadecimal Number System) में कुल 16 अंक होते है। अतः यह 16 अंक के Base वाली Number System होती है।

इस Number System में 0 से 9 तक के दस अंक तथा A से F तक 6 अक्षर 10 से 15 अंको को व्यक्त करते है।

प्रत्येक Hexadecimal अंक 4 Binary अंको को व्यक्त कर सकता है।

Hexadecimal Number System में 10, 11, 12, 13, 14 और 15 आदि के लिए कोई अंक नहीं होते। इनके स्थान पर क्रमशः A, B,C, D, E और F को लिखा जाता है।

हेक्साडेसमल Number System में 16 अंक होते है। अतः इसका Base 16 है। इसी प्रकार इस संख्या का स्थानीय मान निम्नलिखित क्रम में होता है-

…….,16³ 16² 16¹ 16ⁿ
…….,4096 256 16 1

Point Number को Hexadecimal Number में बदलना

Point Number को Hexadecimal Number में बदलने के लिए हम दि है संख्या को 26 से भाग देते है।

इसके परिवर्तन के लिए हम निम्नलिखित Staps को Follow करेंगे –

  • दी हुई Point Number को हेक्साडेसिमल Number के आधार 16 से भाग देते है।
  • प्राप्त भाग फल को दशमलव संख्या के नीचे और शेष फल को Right Side Note करते है।
  • अब को भाग फल प्राप्त हुए हैं उसको दोबारा 16 से भाग देते है तथा नए भाग फल को पिछले भाग फल के नीचे लिखते है।
  • इस प्रकार इस प्रक्रिया को तब तक दोहराते है। जब तक भाग फल शून्य प्राप्त न हो जाए।

प्राप्त शेष फल को नीचे से ऊपर के क्रम में लिखते है। अंको का यह समूह दशमलव संख्या को हेक्साडेसिमल Number है।

Note : शेष फल में 10 से 15 तक की संख्या की लिए क्रमशः A से F अंक लेते है।


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