मुहावरे का अर्थ - (Idioms) Muhavare In Hindi - WebBalaji

Latest Post

भारत में जनसंख्या विस्फोट पर निबंध | Essay on Population Explosion in India Common Gateway Interface – CGL क्या है?
Spread the love

मुझे पूरा यकीन है कि आप भी Idioms यानी Muhavare (मुहावरे) के बारे में जानने के लिए इस पोस्ट में आए है। दोस्तो स्वागत है आपका हमारी इस पोस्ट मुहावरे का अर्थ – (Idioms) Muhavare in hindi में।

आज इस पोस्ट में हम Idioms यानी Muhavare (मुहावरे) से संबंधित सभी सवाल जैसे कि Meaning of idioms in Hindi, मुहावरा इन हिंदी 100, Funny Hindi idioms, Meaning of idioms in English, शहीद हो जाना मुहावरे का अर्थ, हिंदी मुहावरे और अर्थ और वाक्य, Very happy idioms in hindi, आसमान पर दिए जलाना मुहावरे का अर्थ, मुहावरे का अर्थ, मुहावरे इन हिंदी लिस्ट, मुहावरे in hindi, मुहावरे की परिभाषा, muhavre, muhavare hindi mein, muhavare kise kahate hain, Idioms Hindi means, आदि के जबाव जानेंगे।

तो चलिए बिना देरी करे Idioms यानी Muhavare (मुहावरे) के बारे में शिखना शुरू करते है और जानते है मुहावरे का अर्थ – (Idioms) Muhavare in hindi से जुड़े सभी सवालों के जवाब। हमारी आपसे प्रार्थना है कि कृपया इस पोस्ट को अंत तक पूरा पढ़े, कहीं आपसे पोस्ट में दि गई जानकारी Miss न हो जाए।

मुहावरे का अर्थ – (Idioms) Muhavare in Hindi

Muhavare in Hindi

मुहावरे की परिभाषा (Meaning of idioms in Hindi)

मुहावरे की परिभाषा – ‘Muhavara’ शब्द को इस प्रकार से परिभाषित किया जा सकता है

मुहावरा वह वाक्यांश है, जो सामान्य अर्थ का बोध न कराकर किसी विलक्षण या अलग ही अर्थ का बोध कराता है।

डॉ. वासुदेवा नंदन प्रसाद ने मुहावरे कि परिभाषा देते हुए लिखा है “ऐसे वाक्यांश जो सामान्य अर्थ का बोध न कराकर किसी विलक्षण अर्थ की प्रतीति कराए ‘Muhavara’ (Idioms) कहलाता है।

मुहावरों का अर्थ (Meaning of idioms in hindi)

Idioms means (मुहावरों का अर्थ) – मुहावरा शब्द अरबी भाषा के मुहाविर शब्द से बना है। ‘मुहाविर’ शब्द का अर्थ होता है अभ्यास या बातचीत।

English भाषा में मुहावरे को Idiom कहते है। हिंदी में ‘Muhavare’ का अर्थ हैं विलक्षण वाक्य रचना।

इसका अर्थ, ऐसे शब्द समूह जो शाब्दिक अर्थ से भिन्न अर्थ का द्योतन करते है, मुहावरे कहलाते है।

ये वाक्यांश होते है। इनका स्वरूप में प्रयोग नहीं होता है। ये लोक मस्तिस्क की टकसाल में सदियों से ढलते रहते है।

मुहावरे का शब्दांश अर्थ न ग्रहण कर सदैव अवबोधक अर्थ ही ग्रहण किया जाता है तथा ग्रहण किया जाने वाला अर्थ प्रसंग के अनुसार होता है।

Read More Articles

>>तत्सम शब्द किसे कहते हैं? इसके प्रकार और उदाहरण?

>>Journalism – पत्रकारिता किसे कहते हैं? Journalism Hindi meaning?

>>कंप्यूटर फिल्ड में इंटरनेट की क्या भूमिका है?

>>नंबर सिस्टम क्या होता हैं? बाइनरी नंबर सिस्टम इन हिंदी

>>इंटरनेट से होने वाले फायदे?

>>इंटरनेट क्या है? इंटरनेट के प्रकार?

‘Muhavare’ का उद्भव

‘Muhavare’ का उद्भव (मुहावरे इन हिंदी) – भवाभिव्यक्ती की विविधता ने प्रथमतः मुहावरों को जन्म दिया होगा।

प्रेम, घृणा, क्रोध आदि की अभिव्यक्ति कभी कभी अमिधा के द्वारा असंभव से हो जाती है, तब मनुष्य भाषा के नए नए प्रयोग करता है।

इसी से शब्दो के प्रचलित अर्थ बदल जाते है। यह प्रक्रिया मुहावरों की जन्मदात्री है। भाषा में मनोवेगो या मनोभावों से संबंधित मुहावरे इसलिए अधिक है क्योंकि उनकी अभिव्यक्ति में अनेक प्रकार के प्रयोग लिए जाते है।

उदाहरण क्रोध के लिए दांत पसीना, आग बबूला होना, लाल पीला होना आदि

मुहावरे की विशेषताएं

Muhavare की विशेषताएं -Muhavare की कई विशेषताएं है जो इस प्रकार है

  • Muhavare का प्रयोग वाक्य के प्रसंग में होता है। अलग से लिए प्रयोग से विलक्षण अर्थ प्रकट नहीं होता है। जैसे,’ मैंने पेट काटकर अपने लड़के को पढ़ाया है’ में लाक्षणिकता है। यदि पेट काटना मात्र कहे तो उसमे लाक्षणिकता प्रकट नहीं होती हैं।
  • मुहावरे का वास्तविक रूप बदला नहीं जा सकता है। जैसे – ‘कमर टूटना ‘ के स्थान पर ‘कतिभांग होना’ का प्रयोग सार्थक नहीं है।
  • मुहावरों में शब्द का अर्थ ग्रहण नहीं करते अपितु उसके भावो कोब्लीट है। जैसे, आं’ख मारना’ का अर्थ आंख निकालना और उसे फेककर मारना नहीं है।
  • मुहावरे समाज , देश, काल और परिस्थिति के अनुरूप बनते और समाप्त होते है जैसे खिचड़ी पकाना भारतीय भाषा में हो सकता है, यूरोपीय भाषा में नहीं।
  • मुहावरों का सीधा संबंध शरीर के भिन्न अंगों से है। यह प्रवृत्ति सब भाषाओं में पाई जाती है। जैसे सिर, बाल, नाक, कान, मुंह, गर्दन, हाथ, पेट, पांव आदि के मुहावरे।
  • मुहावरे किसी भी भाषा में समृद्धि के प्रतीक है। इसमें उस देश की सामाजिक, धार्मिक, राजनैतिक, ओद्योगिक और सांस्कृतिक झलक दिखाई देती है।
  • मुहावरों का सीधा संबंध सामाजिक जीवन से होता है। ये वहा के सामाजिक संबंधों को अभिव्यक्ति देते है।
  • मुहावरों का अर्थ और उनका प्रयोग प्रसंगानुसार होता है। जैसे ‘घर की मुर्गी’ का ‘ट्यूछता’ के लिए प्रयोग किया जाता है। वास्तव में मुर्गी के भेद बाहर, दुकान शहर आदि के आधार पर नहीं होते है।

Muhavare : अर्थ एवं प्रयोग

आंख जमाना – प्रारंभ होना।

प्रयोग – बचपन से ही सिद्धार्थ के मन में वैराग्य के अंकुर जमने लगे थे।

अंकुश रखना – नियंत्रण करना।

प्रयोग – महाराजा पुरू अपने हाथियों पर अंकुश नहीं रख सके, इस कारण सिकंदर से परस्थ हो गए।

अंग अंग ढीला होना अत्यंत थक जाना

प्रयोग – जब पिताजी रेलगाड़ी से लौटे, तो उनके अंग अंग ढीले हो रहे थे।

अंगरो पर लौटना – कष्ट पाना।

प्रयोग – महंगाई के जमाने में निर्धन वर्ग अंगारों पर लोट लोट कर अपने दिन काट रहा है।

अंगूठा दिखाना – इंकार कर देना।

प्रयोग – दुस्ट लोग संकट के समय अंगूठा दिखा देते है।

अंतिम घड़ियां गिनना – मरणासन्न।

प्रयोग – केंसर से ग्रस्त चाचाजी अंतिम घड़ियां गीन रहे थे।

अंधे की लाठी – एक मात्र सहारा।

प्रयोग – रघु अपने पिता के लिए अंधे की लाठी है।

अंधो में काना राजा – गुणहीन में थोड़ा गुणी भी सम्मानित।

प्रयोग – वह तो अंधों में काना राजा है।

अंगुली पर नाचना – वश में रखना।

प्रयोग – कुछ अफसरों का यह स्वभाव होता है कि वे अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को अंगुली पर नचाते है।

अक्ल का दुश्मन – मूर्ख व्यक्ति।

प्रयोग – राजू तो अक्ल का दुश्मन है, उसकी समझ में बात नहीं आयेगी।

अपने मुंह मिया मिट्टू बनाना – अपनी प्रशंशा स्वयं करना।

प्रयोग – जो व्यक्ति अपने मुंह मिया मिट्ठू बनते है, उनकी बात भी गंभीरता से नहीं लेता है।

इज्जत में बट्टा लगाना – नाक पर कलक लगना।

प्रयोग – बुरे काम से इज्जते बट्टा लगता है।

ईट से ईट बजाना – बराबरी से टक्कर लेना।

प्रयोग – महारानी लक्ष्मबाई ने अंग्रेज़ो की ईट से ईट बजा दी थी।

ईट का जवाब पत्थर से देना – किसी की दुष्टता का करारा जवाब देना।

प्रयोग – पाकिस्तान कश्मीर में नीचता बता रहा है, अब शायद भारत को भी उसे ईट का जवाब पत्थर से देना पड़े।

ईद का चांद होना – बहुत दिनों बाद दिखना।

प्रयोग – आजकल तुम दिखलाई नहीं देते हो, शायद कहीं ईद के चांद तो नहीं हो गए हो।

उल्लू बनाना – मूर्ख बनाना।

प्रयोग – अधिक दिनों तक किसी को उल्लू नहीं बनाया जा सकता है।

उल्टी गंगा बहना – प्रतिकूल कार्य करना।

प्रयोग – पानी में अग्नि प्रज्जवलित करना वास्तव में उल्टी गंगा बहना है।

ऊंची दुकान, फिका पकवान – बाहरी दिखावा।

प्रयोग – आजकल औरतों आदमियों को अंगुलियों पर नचाने लगी है।

उंठ के मुंह में जीरा – अल्प वस्तु।

प्रयोग – यह तो उसके लिए ऊठ के मुंह में जीरा है।

एक पंथ दो काज – एक साथ दो कार्य करना।

प्रयोग – अपने तो आज एक पंथ दो काज किए, आप तो मंदिर में दर्शन भी कर आए और सब्जी भी खरीदकर के आए।

एक अनार सौ बीमार – एक वस्तु के कई हिस्सेदार।

प्रयोग – माली के पास सब्जी तो दो किलो है, ग्राहक है दस। अब वह किसको बेचे? यह तो एक अनार और सौ बीमार की स्तिथि हुई।

एक प्राण दो शरीर – घनिष्ठ मित्र।

प्रयोग – राधा और कृष्ण एक प्राण दो शरीर है।

एक आंख से देखना – बराबर मानना।

प्रयोग – कानून निर्धन और धनवान को एक आंख से देखता है।

एक लाठी से सबको हांकना – उचित अनुचित का विचार किए बिना व्यवहार करना।

प्रयोग – समानता का वास्तविक अर्थ एक लाठी से सबको हांकना नहीं है, अपितु सबको समान अवसर प्रदान करना है।

कलम तोड़ना – बहुत ही अच्छा लिखना।

प्रयोग – वात्सल्य रस के वर्णन में सूरदास को ने कलम तोड़ दी है।

कमर कसना – पूर्णतः तैयार होना।

प्रयोग – संकटों से जूझने के लिए हमें कमर कसकर तैयार रहना चाहिए।

कलेजा फटना – बहुत दुख होना।

प्रयोग – बाढ़ की तबाही देखकर नेताजी का भी कलेजा फेट गया।

कान पर जूं न रेगना – बिल्कुल चिंता न करना।

प्रयोग – गरीब की बातो से सेठजी के कान पर जूं तक नहीं रेंगी।

कुत्ते की मौत मारना – बुरी तरह मारना।

प्रयोग – पराई स्त्री का अपहरण करने वाला रावण कुत्ते को मौत मरा।

किस खेत की मूली – शक्तिहीन।

प्रयोग – मेरे सामने तो अच्छे अच्छे टिक नहीं सके, तुम किस खेत की मूली हो।

खरी खोटी सूनाना – भला बुरा कहना।

प्रयोग – उस बेशर्म को कितनी खरी खोटी सुनाई, वह समझे तब न।

खून पसीना एक करना – कठिन परिश्रम करना।

प्रयोग – उस उसके माता पिता ने खून पसीना एक करके पढ़ाया, अब वह उन्हें कुछ समझता ही नहीं।

गंगा नहाना – निवृत्त होना।

प्रयोग – बिटिया की शादी के बाद में तो गंगा नहा लूंगा।

गांठ का पूरा – समृद्ध व्यक्ति।

प्रयोग – उसके फेट पुराने कपड़ों पर न जाओ, वह गांठ का पूरा है।

गागर में सागर – थोड़े में बहुत कह देना।

प्रयोग – बिहारी के दोहे तो गागर में सागर है।

गाल बजाना – डिंग मारना।

प्रयोग – जो गाल बजाते है, वे सदैव असफल हो रहते है।

गेहूं के साथ घुन पुसना – दोषी के साथ निर्दोष को भी दंड।

प्रयोग – चोरी तो जगन्नाथ ने कि, किन्तु दंड रामलाल को भी मिला। कहते है न कि गेहूं के साथ घुन भी पीस जाता है।

घाट घाट का पानी पीना – अनुभवी होना।

प्रयोग – उसने घाट घाट का पानी पिया है।

घोड़े बेचकर सोना – बेफिक्र होना।

प्रयोग – सेठ घोड़े बेचकर सो गया।

घड़ो पानी पड़ना – लज्जित होना।

प्रयोग – चोरी करने वालो पर घड़ों पड़ता है।

घी के दीए जलाने – अप्रत्याशित लाभ पर प्रसन्नता।

प्रयोग – सोवियत संघ के विघटन होने पर अमेरिका ने घी के दिए जलाए।

घर का न घाट का – कहीं का नहीं रहना।

प्रयोग – गयाराम दलबदलु को अब कोई दल लेने को तैयार नहीं है, उसकी स्थिति तो घर का न घाट की हो गई है।

चार चांद लगाना – प्रतिष्ठा बढ़ाना।

प्रयोग – विशेष योग्यता से परिणाम में चार चांद लग जाते है।


Read More Articles

>>कंप्यूटर में कौन कौन से विशेषताएं होती है?

>>कंप्यूटर क्या है? कंप्यूटर के विभिन्न क्षेत्रों में उपयोग?

>>कंप्यूटर में booting प्रोसेस क्या होता है?

>>कंप्यूटर वोलेटाइल मैमोरी क्या होती है?

>>मेमोरी क्या है? मेमोरी कितने प्रकार की होती है?

>>कंप्यूटर कंट्रोल यूनिट क्या होता है?

>>कंप्यूटर के विकास का इतिहास क्या है?

मोबाइल से घर बैठे यूट्यूब चैनल कैसे बनाए?

>>Analog और Digital Signal क्या होते है?

>>Communication Process क्या होता है?

>>www क्या है?

>>कंप्यूटर कितने प्रकार के होते है?

हमें पूरी उम्मीद है कि हमारी यह पोस्ट मुहावरे का अर्थ – (Idioms) Muhavare in Hindi, आपको बहुत पसंद आई है। हमारी पोस्ट का उद्देश्य अपने रीडर्स को एक ही आर्टिकल में पूरी जानकारी उपलब्ध कराना होता है, जिससे उन्हें अन्य आर्टिकल को पढ़ने की जरूरत न पड़े।

हमारी इस पोस्ट Muhavare in Hindi, में दि गई जानकारी आपको कैसी लगी, हमें Comment Box में कमेंट करके जरूर बताए और यदि आपको हमारी इस पोस्ट से कुछ भी सीखने को मिला है तो आप हमारे इस आर्टिकल को अपने सोशल मीडिया जैसे – Facebook, WhatsApp, Twitter आदि से Share करे।

Leave a Reply