Client Server Architectures क्या है ? इसके फायदे, नुकसान और विशेषताएं - WebBalaji

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नमस्कार दोस्तो! स्वागत है आपका हमारी आज की इस पोस्ट में। दोस्तो क्या आप जानते है Client Server Architectures क्या है? यदि नहीं और आप भी Client Server Architectures से जुड़ी जानकारी ढूंढ रहे है जैसे कि client server architecture in hindi,client server architecture kya hai,Client Server Architecture features in Hindi,क्लाइंट क्या है,Client server प्लेटफार्म से क्या समझते है,सर्वर की विशेषताएं बताइए,क्लाइंट सर्वर मॉडल क्या है,क्लाइंट सर्वर क्या है,क्लाइंट सर्वर सिस्टम के नुकसान,क्लाइंट-सर्वर एवं पीयर-टू पीयर नेटवर्क,

what is client server architecture,what is client server आदि, तो हमारी इस पोस्ट को शुरू से अंत तक पूरा पढे। हम पूरा प्रयास करेंगे कि आपके Client Server Architectures से जुड़े सभी सवालों के जवाब इस पोस्ट में सके। तो चलिए बिना देरी करे जानते हैं Client Server Architectures क्या होते है?

Client Server Architectures

Client Server Architectures

Client Server Architectures क्या है? What is Client Server Architecture

Client Server Architectures – लोकल एरिया नेटवर्क में उच्च लेवल (High level) की Shared Device Processing को Emerged करने के Process के लिए Client Server Architectures के Concept को विकसित किया गया है।

जहा कंप्यूटर्स की अधिकता हो, इस प्रकार के वातावरण के लिए Client Server Architecture को तैयार किया गया था।

उदाहरण – बहुत सारे कंप्यूटरों को आपस में Network तकनीक के द्वारा Connect किए जाते है। इसमें किसी एक कंप्यूटर को Server बना दिया जाता है तथा बचे हुए कंप्यूटरों को Workstation बना देते हैं।

Client Server Architectures

Server पर इन सभी कंप्यूटरों की फाइले Save होती है तो ऐसे मॉडल को Client-Server Module कहते है।

इस मॉडल में एक या एक से अधिक कंप्यूटर क्लाइंट होते है तथा इनका सर्वर एक होता है। इस मॉडल में क्लाइंट अपनी Request network Resources को साझा शेयरिंग करने में मदद करता है।

इस तरह के मॉडल में हम हार्डवेयर तथा सॉफ्टवेयर को शेयर कर सकते है।

उदहारण – प्रिंटर को सर्वर से connect कर देते है तो फिर किसी भी Workstation से किसी भी file का Printout निकाल सकते है।

क्लाइंट प्रक्रिया (Client Process)

Client-Server Architecture में, Client Process एक ऐसा प्रोग्राम है, जो सर्वर Process Program को एक Request Send करता है। Client Program सामान्यतः Application के user Interface हिस्से को व्यवस्थित करता है।

User के द्वारा प्रविष्ट लिए गए Data को Valid घोषित करता है तथा सर्वर प्रोग्राम को Request भेजता है तथा कभी कभी व्यापार Logic को Execute करता है।

Client प्रोसेस Application Front end होता है जिसे प्रयोक्ता देखता है तथा उसके साथ संवाद करता है। क्लाइंट Workstation का एक मुख्य तत्व इसका Graphical User Interface है।

सर्वर प्रक्रिया (Server Process)

Client Server Architecture में, सर्वर Process एक ऐसा प्रोग्राम है, जो Client द्वारा Request किए गए कार्य को पूरा करता है।

आमतौर पर Server Program Client Program से Request प्राप्त करता है और Client को Response करता है।

Server आधारित Process Network की दूसरी मशीन पर भी चल सकता है। यह सर्वर हॉस्ट Opreating System या Network Flie Server हो सकता है।

Server को फिर File System सेवाए तथा Application प्रदान किया जाता है तथा कुछ स्तिथियो में कोई दूसरा Desktop मशीन Application सेवाए प्रदान करता है।

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क्लाइंट सर्वर कम्प्यूटिंग के लाभ/फायदे (Advantage of Client Server Architectures)

Internet सेवाओं में अत्यधिक विविधता तथा उनके उपयोग करने के तरीकों में अंतर होने के बावजूद, सेवाए देने वाले सॉफ्टवेयर द्वारा हमेशा एक ही स्कीम कि अनुपालन की जाती है।

इस स्कीम को क्लाइंट सर्वर कम्प्यूटिंग कहते है। क्लाइंट सर्वर कम्प्यूटिंग इंटरनेट तक ही सीमित नहीं है बल्कि यह विभाजित कम्प्यूटिंग का आधार भी बनती है।

क्लाइंट सर्वर कम्प्यूटिंग के पीछे लगाया गया विचार एकदम साधारण है। Internet पर कुछ Computer अपनी सेवाए देते है जिन्हे दूसरे Computer Accsess करते है।

उदाहरण के लिए, कुछ सर्वर ऐसी फाइल्स को मैनेज करते है जिनमे Information होती है। एक Client Program इस प्रकार के एक सर्वर को किसी फाइल की प्रतिलिपि चाहने के लिए संपर्क स्थापित कर सकता है। इसी प्रकार अलग अलग सर्वर अलग अलग प्रकार की सूचनाएं रख सकते है।

क्लाइंट सर्वर कम्प्यूटिंग के नुकसान/हानिया (Client Server Computing)

Client Server Architecture की हानिया व पीयर-टू पीयर से अंतर निम्न है –

  • जब इस व्यवस्था में सर्वर डाउन हो जाता है तो सभी क्लाइंट्स को नेटवर्क सर्विस नहीं मिलती है।
  • Client server आर्किटेक्चर में प्रयुक्त सर्वर इतना शक्तिशाली होना चाहिए कि सभी क्लाइंट कंप्यूटर को सर्विस दे सके। इससे सर्वर की लागत अधिक हो जाती है। इसके विपरित पीयर-टू पीयर व्यवस्था में शक्तिशाली कंप्यूटर्स का होना आवश्यक नहीं है।
  • Congestion – सैंट्रालाइट सर्वर होने से क्लाइंट सर्वर आर्किटेक्चर में नेटवर्क ट्रैफिक अधिक हो जाता है, क्योंकि सभी Request सर्वर की ओर जाती है। जबकि पीयर-टू पीयर आर्किटेक्चर में नेटवर्क ट्रैफिक की कोई समस्या उत्पन्न नहीं होती है।
  • Maintenance – क्लाइंट सर्वर आर्किटेक्चर को संभालने के लिए कम से कम एक नेटवर्क एडमिस्ट्रेटर के स्टाफ की आवश्यकता होती है जो नेटवर्क व उपकरणों को Maintain करता है।पीयर-टू पीयर नेटवर्क सिस्टम में मशीन को मेंटेन करने के लिए एडमिनिस्ट्रेटर की कोई आवश्यकता नहीं होती है।

Client Server Architectures की विशेषताएं

Client Server Architectures की विशेषताएं – Client Server Architectures का Concept लोकल एरिया नेटवर्किंग में Communication Media के माध्यम से जुड़ी होती है।

लोकल एरिया नेटवर्किंग में सभी Computer आपस में Hardware तथा Software को Share करते है। इनमे एक कंप्यूटर मुख्य कंप्यूटर तरह की कार्य करता है जिसे Master Computer या Server कहते है तथा शेष कंप्यूटरों को Workstation या Client कहते है।

जब नेटवर्किंग इस तकनीकी पर कार्य करता है तो इसे Client server Architecture कहते है। Client Server Architectures में एक सिस्टम सर्वर की तरह कार्य करता है तथा शेष सभी Systems Client की तरह कार्य करते है।

Client Server Architectures में क्लाइंट सर्वर के पास Request भेजता है तथा Server Client के द्वारा भेजी गई Request को Response करता है।

एक Shared device लोकल एरिया नेटवर्किंग प्रोसेसिंग वातावरण में PCs एक सिस्टम से जुड़े होते है जो इनके Common Terminology में इस Device को Server कहते है।

Client Server Architectures की निम्नलिखित विशेषताएं है –

  • यह Powerful Workstation पर उपलब्ध User Interface (GUI) को प्रयोग करने की सुविधा प्रदान करता है।
  • Client Server Architectures Open System की Acceptance को allow कहते है। इस तथ्य के अनुसार Client तथा Server विभिन्न प्रकार के हार्डवेयर तथा Software प्लेटफार्मो पर Run कर सकते है।
  • यह end users के लिए Particular Proprietary Architecture से स्वयं को मुक्त करता है। इस प्रकार Open Market के उपलब्ध प्रोडक्ट के Economical, Marketing तथा Competitive लाभो/फायदों को प्राप्त किया जाता है।
  • यह कार्पोरेशन के लिए डेस्कटॉप कम्प्यूटिंग टेक्नोलोजी को अच्छी तरह से Allow करता है।
  • इस तकनीकी के द्वारा Networking Traffic को Roduce किया जा सकता है तथा प्रभावी गति को प्राप्त किया का सकता है।
  • Client Server Architectures का वातावरण hetrogenous Multivender होता है। Client तथा Server का हार्डवेयर प्लेटफॉर्म तथा opreating सिस्टम सामान्यतः नहीं होते है।
  • यह Fornt end, Back end application होता है। Client Front end की तरह कार्य करता है तथा Back end server की तरह कार्य करता है
  • Fornt end task तथा Back end task का कम्प्यूटिंग Resources और Input/Output Instrument के लिए अलग अलग आवश्यकताएं होती है।
  • Client Server architecture की विशेषता scalability है। इन्हें क्षैतिज रूप से घटाया या बढ़ाया हा सकता है। Vertical Scaling का अर्थ है कि कार्य प्रभावित किए बिना वर्कस्टेशन की संख्या को कम या ज्यादा किया का सकता है। वर्टिकल स्केलिंग का अर्थ है कि Fast Server मशीन और मल्टी सर्वर में Person प्रणाली को स्थानांतरित किया जाना है।
  • Client सर्वर आर्किटेक्चर को Two tier architecture में जोड़ा जा सकता है। Two tier architecture, इस प्रकार का architecture है, जिसमे क्लाइंट सीधे तौर पर सर्वर से बिना किसी मध्यस्थता से जुड़ सकता है।
  • Client Server Architectures को Three tier architectrue तकनीकी से भी जोड़ा जा सकता है। Three tier architecture में Client तथा Server के मध्य एक Interface या Mediator या एजेंट कार्य करता है, तब Three tire architecture का प्रयोग किया जाता है।
  • Client server architecture में, Client प्रोसेस एक ऐसा प्रारूप है, जो सर्वर प्रोसेस प्रोग्राम को एक रिक्वेस्ट भेजता है। Client प्रोग्राम सामान्यतः Application के user इंटरफेस हिस्से को व्यवस्थित करता है।
  • Client Server Architectures में, server प्रोसेस एक ऐसी प्रोग्राम है, जो Client द्वारा रिक्वेस्ट किए गए कार्य को पूरा करता है।

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मुझे पूरी उम्मीद है कि आपने मेरी इस पोस्ट Client Server Architectures क्या है, को पूरा पढ़ लिया है और आपके दिमाग में जो भी Client Server Architectures से जुड़े सवाल थे उन सभी सवालों के जनाब आपको इस आर्टिकल में मिल गए है।

मेरी हमेशा से यही कोशिश रहती है कि जो भी Readers मेरी पोस्ट पढ़े तो उन्हें एक ही आर्टिकल में सभी सवालों के जबाव मिल जाए, जिससे उन्हें अन्य आर्टिकल को पढ़ने में समय बर्बाद न करना पड़े।

दोस्तो आपको मेरी यह पोस्ट Client Server Architectures क्या है? कैसी लगी मुझे comment बॉक्स में comment करके जरूर बताए और यदि मेरी इस पोस्ट से आपको कुछ भी सीखने को मिला है, तो इस पोस्ट को आप अपने सोशल मीडिया जैसे – Facebook, WhatsApp, Twitter आदि में अपने दोस्तो के साथ शेयर करे।

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